एमपी बोर्ड कक्षा 12 हिन्दी 2 अंकीय टॉप 50 प्रश्न उत्तर -
एमपी बोर्ड कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं शुरू होगी । उसके लिए इस पोस्ट में हम कक्षा 12वीं हिंदी बोर्ड परीक्षा के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण 2 अंकीय सिलेक्टिव प्रश्न बताएंगे साथ ही उनके उत्तर भी इस पोस्ट में दिए गए हैं।
इन सभी प्रश्नों को आप अपनी परीक्षा के लिए कंप्लीट कीजिए, यह प्रश्न आपकी परीक्षा में बहुत ही अच्छे अंक आपको दिलाएंगे क्योंकि यह प्रश्न बार-बार रिपीट होंने वाले प्रश्न है । और कई बार बोर्ड की परीक्षा में यह पूछे गए हैं । इन प्रश्नों में सभी प्रश्नों के उत्तर भी हैं, तो आप इनको कंप्लीट कर सकते हैं साथ ही यदि आप इसका पीडीएफ डाउनलोड करना चाहते हैं तो पीडीएफ डाउनलोड का लिंक भी आपको इस पोस्ट में मिल जाएगा इस संपूर्ण पोस्ट को जरूर पढ़ें ।
प्रश्न 1. भक्तिकाल की प्रमुख काव्यधाराओं के नाम लिखिए।
उत्तर - भक्तिकाल को समझने का सबसे आसान तरीका है — इसे एक पेड़ की तरह सोचो, जिसकी एक मुख्य शाखा से दो टहनियाँ निकलती हैं, और हर टहनी से फिर दो और टहनियाँ।
- सगुण - जिसमें भक्त अपने भगवान को किसी रूप-आकार में देखते हैं ।
- निर्गुण (जिसमें भगवान को बिना रूप के, निराकार माना जाता है)।
सगुण के दो भेद:
- राम मार्गी — तुलसीदास, अग्रदास
- कृष्ण मार्गी — सूरदास, मीराबाई
निर्गुण के दो भेद:
- प्रेम मार्गी — जायसी, रहीम
- ज्ञान मार्गी — कबीर, रैदास
प्रश्न 2. छायावाद की दो विशेषताएँ लिखिए।
छायावाद को समझने के लिए सोचो — यह वह कविता है जो दिल से लिखी गई है, दिमाग से नहीं। इसमें कवि अपनी भावनाओं को खुलकर व्यक्त करता है।
- इसमें प्रेम और सौंदर्य का सुंदर चित्रण मिलता है।
- इसमें दर्द और करुणा भी झलकती है, और प्रकृति को भी इंसान की तरह दिखाया गया है (जैसे "बादल रो रहे हैं" कहना)।
प्रश्न 3. भ्रांतिमान अलंकार की परिभाषा उदाहरण सहित लिखिए।
रोज़मर्रा की ज़िंदगी में भी हमारे साथ ऐसा होता है — कभी अंधेरे में रस्सी को साँप समझ लेते हैं ना? बस यही भ्रांतिमान अलंकार है — जब भ्रम (गलतफहमी) की वजह से एक चीज़ को दूसरी चीज़ समझ लिया जाए।
परिभाषा: भ्रमवश जब एक वस्तु को दूसरी वस्तु समझ लिया जाए, तो वहाँ भ्रांतिमान अलंकार होता है।
उदाहरण: समुझि तुम्हें घनश्याम हरि नाच उठे वन मोर। (यहाँ मोर श्रीकृष्ण को बादल समझकर नाचने लगा — यही भ्रम है।)
प्रश्न 4. विरोधाभास अलंकार की परिभाषा उदाहरण सहित लिखिए।
यह थोड़ा दिलचस्प अलंकार है — यहाँ बात सुनने में उल्टी लगती है, पर असल में कोई विरोध होता ही नहीं।
परिभाषा: जहाँ किसी वस्तु, गुण या क्रिया में असल में कोई विरोध नहीं होता, फिर भी विरोध जैसा वर्णन किया जाए, वहाँ विरोधाभास अलंकार होता है।
उदाहरण: या अनुरागी चित्त की गति नहिं समुझहिं कोय। ज्यों-ज्यों बूड़े श्याम रंग त्यों-त्यों उज्ज्वल होय॥
(सुनने में अजीब लगता है — डूबने से चीज़ें चमकीली कैसे होंगी? पर यहाँ भाव अलग है, इसलिए विरोध सिर्फ दिखावटी है।)
प्रश्न 5. शब्द-शक्ति की परिभाषा एवं प्रकार लिखिए।
जैसे किसी वाक्य को समझने के अलग-अलग तरीके होते हैं — सीधा अर्थ, घुमा-फिराकर कहा गया अर्थ, या इशारों में छिपा अर्थ — वैसे ही शब्द भी अपना मतलब अलग-अलग तरीकों से बताते हैं। इसी क्षमता को शब्द-शक्ति कहते हैं।
परिभाषा: शब्द और अर्थ के बीच के गहरे संबंध को जिस शक्ति से समझा जाता है, उसे शब्द-शक्ति कहते हैं।
तीन प्रकार: (1) अभिधा (सीधा अर्थ),
(2) लक्षणा (घुमा-फिराकर अर्थ),
(3) व्यंजना (छिपा हुआ अर्थ)।
प्रश्न 6. माधुर्य गुण की परिभाषा उदाहरण सहित लिखिए।
कभी कोई गाना या कविता सुनकर मन खुश हो जाता है ना, मानो कानों में मिठास घुल गई हो? यही माधुर्य गुण है।
परिभाषा: जिस काव्य को सुनकर मन पुलकित हो जाए और कानों में मिठास महसूस हो, उसे माधुर्य गुण कहते हैं। इसमें य, र, म, व जैसे कोमल वर्णों का प्रयोग होता है।
प्रश्न 7. नाटक और एकांकी में अंतर लिखिए। (कोई दो)
आसान भाषा में — नाटक एक पूरी फ़िल्म जैसा है, और एकांकी उसी फ़िल्म का एक छोटा-सा, पर पूरा सीन।
| नाटक | एकांकी |
|---|---|
| इसमें कई अंक (भाग) होते हैं। | इसमें सिर्फ एक ही अंक होता है। |
| पात्रों की संख्या ज़्यादा होती है। | पात्रों की संख्या नाटक से कम होती है। |
प्रश्न 8. कहानी और उपन्यास में कोई दो अंतर लिखिए।
सोचो — कहानी एक छोटी वीडियो क्लिप जैसी है, और उपन्यास एक पूरी वेब-सीरीज़ जैसा।
| कहानी | उपन्यास |
|---|---|
| कहानी आकार में छोटी होती है। | उपन्यास आकार में बड़ा (दीर्घ) होता है। |
| यह जीवन की किसी एक खास घटना का वर्णन करती है। | यह जीवन के बड़े और पूरे स्वरूप को दिखाता है। |
प्रश्न 9. राष्ट्रभाषा की दो विशेषताएँ लिखिए।
- यह पूरे देश की सम्पर्क भाषा होती है — यानी पूरे देश में इसका असर होता है।
- इसका साहित्य (कविताएँ, कहानियाँ, किताबें) बहुत समृद्ध और व्यापक होता है।
प्रश्न 10. राजभाषा की दो विशेषताएँ लिखिए।
- यह सरकारी कामकाज में इस्तेमाल होने वाली भाषा है।
- यह किसी क्षेत्र की भाषा होती है, जिसका उपयोग शिक्षा, रेडियो और दूरदर्शन में भी होता है।
बस फ़र्क याद रखो: राष्ट्रभाषा = पूरे देश की, राजभाषा = सरकारी कामकाज की।
प्रश्न 11. यशोधर बाबू के व्यक्तित्व/चरित्र की दो विशेषताएँ लिखिए।
- यशोधर बाबू पुराने विचारों (परम्परावादी) के व्यक्ति हैं — वे नई पीढ़ी की तेज़ रफ़्तार ज़िंदगी में सहज नहीं हैं।
- वे एक सीधी-सादी, अपनों से भरी और शांत ज़िंदगी जीना चाहते हैं, जहाँ रिश्तों की अहमियत बनी रहे ।
प्रश्न 12. छायावाद और रहस्यवाद में दो अंतर लिखिए।
| छायावाद | रहस्यवाद |
|---|---|
| इसमें कवि अपनी ही आत्मा को महसूस करता है। | इसमें कवि ईश्वर की उपस्थिति महसूस करता है। |
| इसमे कल्पना और भावना की प्रधानता है। | इसमे चिंतन, ज्ञान और बुद्धि की प्रधानता है। |
प्रश्न 13. प्रयोगवादी और प्रगतिवादी काव्य में दो अंतर लिखिए।
| प्रयोगवादी काव्य | प्रगतिवादी काव्य |
|---|---|
| जीवन को बहुत ही सीधे और कड़वे यथार्थ रूप में दिखाया जाता है। | जीवन को यथार्थवादी नज़रिए से दिखाया जाता है, पर उतना कठोर नहीं। |
| नए बिम्ब (कल्पना-चित्र) और नए छंदों का प्रयोग होता है। | आम बोलचाल की सीधी-सादी भाषा इस्तेमाल होती है। |
प्रश्न 14. सांगरूपक अलंकार की परिभाषा उदाहरण सहित लिखिए।
परिभाषा: जब किसी पद में उपमान (जिससे तुलना की जाए) का उपमेय (जिसकी तुलना की जाए) में उसके सभी अंगों सहित आरोप किया जाता है, तब सांगरूपक अलंकार होता है।
उदाहरण: उदित उदय गिरि मंच पर, रघुवर बाल पतंग। बिकसे संत-सरोज सब, हरषे लोचन-भृंग॥
प्रश्न 15. सवैया छंद को उदाहरण सहित समझाइए।
यह एक वर्णिक छंद है (यानी इसमें वर्णों की गिनती होती है, मात्राओं की नहीं)। इसमें 4 चरण होते हैं, और हर चरण में 22 से 26 वर्ण होते हैं।
उदाहरण: सेस, महेश, गनेस, दिनेस सुरेसहु जाहि निरंतर ध्यावें। जाहि अनादि अनन्त अखण्ड अछेद अभेद-सुवेद बतावें॥ नारद से सुक व्यास रहें पचिहारे तक पुनि पार न पावें। ताहि अहीर की छोहरियाँ, छछिया भरि छाछ पे नाच नचावें॥
प्रश्न 16. हास्य रस की परिभाषा उदाहरण सहित लिखिए।
परिभाषा: जब हमारे मन में मौजूद "हास" नामक स्थायी भाव, विभाव-अनुभाव और संचारी भाव से मिलकर पूरा रूप ले लेता है, तो वह हास्य रस कहलाता है।
उदाहरण: इस दौड़-धूप में क्या रक्खा, आराम करो, आराम करो। आराम जिन्दगी की कुंजी, इससे न तपेदिक होती है।
प्रश्न 17. रूबाई किसे कहते हैं? उदाहरण सहित लिखिए।
रूबाई उर्दू-फ़ारसी की एक खूबसूरत लेखन शैली है। इसकी खासियत यह है कि पहली, दूसरी और चौथी लाइन की तुक मिलती है, जबकि तीसरी लाइन आज़ाद (स्वच्छंद) होती है।
उदाहरण: आँगन में ठुनक रहा है जिदयाया है, बालक तो हठ चाँद पे ललचाया है, दर्पण उसे दे के कह रही है माँ, देख आइने में चाँद उतर आया है।
प्रश्न 18. तकनीकी शब्द क्या होते हैं, उदाहरण सहित लिखिए।
जैसे विज्ञान की क्लास में हम कुछ खास शब्द इस्तेमाल करते हैं जो सिर्फ उसी विषय में समझ आते हैं — वही तकनीकी शब्द हैं।
परिभाषा: वे शब्द जो किसी बनी हुई या खोजी गई चीज़ या विचार को दर्शाते हैं, और किसी खास ज्ञान-क्षेत्र में एक निश्चित अर्थ में इस्तेमाल होते हैं।
उदाहरण: कोशिका, रेखाचित्र, आवृत्ति, गुरुत्वाकर्षण, समादेश (कमांड), आँकड़ा (डाटा)।
प्रश्न 19. निपात की परिभाषा उदाहरण सहित लिखिए।
परिभाषा: वे शब्द जो वाक्य में किसी शब्द पर ज़ोर देने के लिए जोड़े जाते हैं, उन्हें निपात कहते हैं।
जैसे: ही, तक, मात्र, भर, भी, तो आदि।
उदाहरण:
- मुझे ही कपड़े धोने पड़ेंगे।
- तुमने अपने आने की खबर तक नहीं दी।
प्रश्न 20. शब्द युग्म किसे कहते हैं?
जब दो शब्द जुड़कर एक नया शब्द बना देते हैं — चाहे वे एक जैसे अर्थ वाले हों, विपरीत अर्थ वाले हों, या एक सार्थक और एक निरर्थक — तो ऐसे बने शब्द को शब्द युग्म (या युग्मक शब्द) कहते हैं।
प्रश्न 21. अर्थ (भाव) की दृष्टि से वाक्यों के प्रकार बताइए।
- विधानार्थक
- निषेधात्मक
- प्रश्नवाचक
- उपदेशात्मक
- आज्ञार्थक
- प्रार्थनात्मक
- विस्मयादिबोधक
- सन्देह-सूचक
प्रश्न 22. संदेह अलंकार की परिभाषा उदाहरण सहित लिखिए।
परिभाषा: जब किसी पद में समानता की वजह से उपमेय में उपमान का शक (संदेह) पैदा हो जाए, तो वहाँ संदेह अलंकार होता है।
उदाहरण: लक्ष्मी थी या दुर्गा थी या स्वयं वीरता की अवतार।
(यहाँ पर यह तय नहीं हो पा रहा कि वह स्त्री कौन है — यही संदेह है।)
प्रश्न 23. ओज गुण की परिभाषा उदाहरण सहित लिखिए।
जब कोई कविता पढ़कर खून में जोश आ जाए, दिल में जज़्बा भर जाए — तो समझो वहाँ ओज गुण है।
परिभाषा: जहाँ काव्य रचना पढ़कर मन में जोश उत्पन्न हो, वहाँ ओज गुण होता है।
उदाहरण: बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी। खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी।
प्रश्न 24. बिम्ब से आप क्या समझते हैं? परिभाषा दीजिए।
बिम्ब मतलब — जब कोई कविता पढ़ते हुए वह चीज़ हमारी आँखों के सामने सजीव-सी दिखने लगे, जैसे हम खुद उसे देख रहे हों।
परिभाषा: काव्य में बिम्ब उस शब्द-चित्र को कहते हैं, जो कल्पना के ज़रिए हमारे इंद्रिय-अनुभवों (देखना, सुनना, महसूस करना) के आधार पर बनता है।
डॉ. नगेन्द्र के अनुसार — "काव्य बिम्ब शब्दार्थ के माध्यम से कल्पना द्वारा निर्मित एक ऐसी मानस छवि है, जिसके मूल में भाव की प्रेरणा रहती है।"
प्रश्न 25. लोकोक्ति और मुहावरे में कोई दो अंतर लिखिए?
| लोकोक्ति | मुहावरे |
|---|---|
| पूरे वाक्य के रूप में इस्तेमाल हो सकती है। | अकेले, स्वतंत्र रूप में इस्तेमाल नहीं हो सकता। |
| इसके लिए एक जैसा सन्दर्भ ज़रूरी होता है। | इसके लिए वैसा सन्दर्भ ज़रूरी नहीं होता। |
प्रश्न 26. पथिक जल्दी-जल्दी क्यों चलता है?
पथिक देखता है कि दिन तेज़ी से ढल रहा है, और उसे डर है कि कहीं मंज़िल तक पहुँचने से पहले ही अंधेरा न हो जाए। साथ ही, मंज़िल अब पास ही है, तो जल्दी पहुँचने की चाह भी उसे तेज़ चलने पर मजबूर करती है।
प्रश्न 27. कवि ने प्रातःकालीन वातावरण की समानता नीले शंख से क्यों की है?
सुबह के समय आसमान का रंग न तो पूरी तरह काला होता है, न पूरी तरह उजला — बल्कि बीच का, हल्का-सा बुझा हुआ नीला रंग होता है, ठीक जैसे नीले शंख का रंग होता है। इसी समानता के कारण कवि ने यह तुलना की है।
प्रश्न 28. माधुर्य गुण की परिभाषा उदाहरण सहित लिखिए।
(प्रश्न 6 जैसा ही — पर यहाँ अलग उदाहरण है)
परिभाषा: जिस काव्य को सुनकर मन पुलकित हो जाए और कानों में मिठास महसूस हो, उसे माधुर्य गुण कहते हैं।
उदाहरण: यही आता है इस मन में, छोड़ धन-धाम जाकर, मैं भी रहूँ उसी वन में।
प्रश्न 29. बाजार का जादू चढ़ने और उतरने पर मनुष्य पर क्या-क्या असर पड़ता है?
जब बाज़ार का जादू चढ़ता है — तो हम बाज़ार की चमक-दमक देखकर वो चीज़ें भी खरीद लेते हैं जिनकी हमें ज़रूरत ही नहीं होती (शायद तुमने भी कभी ऐसा महसूस किया हो!)। लेकिन जब यह जादू उतरता है, तो वही खरीदी हुई चीज़ें बेकार और अनावश्यक लगने लगती हैं।
प्रश्न 30. ढोलक की आवाज का पूरे गाँव पर क्या असर होता था?
महामारी की मुश्किल घड़ी में जब गाँव वाले दुखी और डरे हुए थे, तब ढोलक की आवाज़ सुनकर उनमें मानो नई जान आ जाती थी। इससे उनकी नसों में खून तेज़ी से दौड़ने लगता, और बीमार, बेसहारा लोगों में भी उमंग और उत्साह भर जाता। उस पल वे मौत से भी नहीं डरते थे। यानी ढोलक की आवाज़ उन्हें ज़िंदगी से लड़ने की ताकत देती थी।
प्रश्न 31. निर्देशानुसार परिवर्तन कीजिए (कोई दो)
(i) राधिका मुझे पानी पीना है। → राधिका मेरे लिए पानी लाओ। (आज्ञावाचक)
(ii) मोहन कुशाग्र बुद्धि है। → क्या मोहन कुशाग्र बुद्धि है? (प्रश्नवाचक)
(iii) पन्द्रह वर्ष बीत गए। → ओह! पन्द्रह वर्ष बीत गए। (विस्मयसूचक)
(iv) पुलिस के आते ही चोर भाग गये। → पुलिस आई और चोर भाग गये। (संयुक्त वाक्य)
(v) मेरा पुत्र बुद्धिमान है। → मेरा पुत्र बुद्धिमान नहीं है। (निषेधात्मक)
प्रश्न 32. निम्नलिखित वाक्यों को शुद्ध रूप में लिखिए (कोई दो)
(i) मैंने अनेकों स्थान देखे। → मैंने अनेक स्थान देखे। ("अनेकों" गलत है, क्योंकि "अनेक" खुद ही बहुवचन का भाव देता है।)
(ii) वह भाग्यवान स्त्री है। → वह भाग्यवती स्त्री है।
(iii) महादेवी वर्मा विद्वान महिला है। → महादेवी वर्मा विदुषी हैं।
(iv) कृपया पत्र का उत्तर शीघ्र देने की कृपा करें। → पत्र का उत्तर शीघ्र देने की कृपा करें। ("कृपया" और "कृपा" दोनों साथ में गलत हैं — दोहराव है।)
(v) इस ग्रंथ का निर्माण किसने किया? → इस ग्रन्थ की रचना किसने की?
प्रश्न 33. जनसंचार के चार माध्यमों के नाम लिखिए।
- समाचार पत्र (प्रिंट मीडिया)
- रेडियो
- टेलीविजन (इलेक्ट्रॉनिक मीडिया)
- इंटरनेट
प्रश्न 34. इंटरनेट पत्रकारिता क्या है? यह किस प्रकार होती है?
आजकल जैसे हम खबरें फ़ोन पर पढ़ते हैं — यही इंटरनेट पत्रकारिता है। इसे ऑनलाइन पत्रकारिता, साइबर पत्रकारिता या वेब पत्रकारिता भी कहते हैं। इसमें पत्रकार अपनी खबर या लेख को इंटरनेट के ज़रिए लोगों तक पहुँचाता है।
दो प्रकार:
- इंटरनेट को सिर्फ खबर पहुँचाने के एक साधन की तरह इस्तेमाल किया जाता है।
- रिपोर्टर खबर को एक जगह से दूसरी जगह ई-मेल से भेजता है, और खबरों की जाँच व पुष्टि के लिए भी इंटरनेट का उपयोग करता है।
प्रश्न 35. पतंग के बारे में कवि क्या बताता है?
कवि कहता है कि पतंग दुनिया की सबसे हल्की चीज़ है। वह रंग-बिरंगी होती है, सबसे हल्के कागज़ से बनी होती है, और उसमें लगी बाँस की कमानी (खपच्ची) बेहद पतली होती है।
प्रश्न 36. बादल राग कविता में कवि ने बादलों को विप्लव के बादल क्यों कहा है?
कवि बादल को क्रांति (बड़े बदलाव) का प्रतीक मानता है। जैसे बारिश आने पर गंदगी बह जाती है, वैसे ही क्रांति आने पर समाज की बुराइयाँ मिट जाती हैं और शोषित (दबे-कुचले) लोगों को जीने का सही हक मिलता है। इसी वजह से कवि ने बादलों को "विप्लव के बादल" कहा है।
प्रश्न 37. भक्तिकालीन काव्य की प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।
- गुरु महिमा
- नाम महिमा
- भक्ति तथा प्रेम पर बल
- पवित्र आचरण पर बल
- राज्याश्रित नहीं (यानी राजाओं की सेवा में नहीं लिखा गया)
- भाषा-शैली की सरलता
- प्रबंध एवं मुक्तक दोनों तरह का काव्य
- रस योजना का सुंदर प्रयोग
प्रश्न 38. रीतिकाल की प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।
- राज्याश्रित कवि (राजाओं के दरबार में रहने वाले कवि)
- शृंगार रस की प्रधानता
- वीर रस से जुड़ा काव्य भी मिलता है
- कलापक्ष (शिल्प, अलंकार आदि) की प्रधानता
- ब्रजभाषा का प्रयोग
- आचार्यत्व की प्रधानता (यानी काव्य-शास्त्र सिखाने का भाव)
- मुक्तक काव्य की रचना ज़्यादा हुई
प्रश्न 39. सोरठा छंद की परिभाषा एवं उदाहरण लिखिए।
यह मात्रिक छंद है (यानी इसमें मात्राओं की गिनती होती है)। इसमें चार चरण होते हैं — पहले और तीसरे चरण में 11-11 मात्राएँ, और दूसरे-चौथे चरण में 13-13 मात्राएँ होती हैं। पहले और तीसरे चरण के अंत में गुरु-लघु आते हैं और तुक भी मिलती है।
उदाहरण: बंदउँ गुरु-पद कंज, कृपा सिन्धु नर रूप हरि। महामोह तम पुंज, जासु वचन रविकर निकर॥
प्रश्न 40. व्यतिरेक अलंकार की परिभाषा उदाहरण सहित दीजिए।
परिभाषा: जब छोटी चीज़ को बड़ी चीज़ से भी श्रेष्ठ बताया जाए, और साथ में उसकी वजह भी दी जाए — यानी उपमेय को उपमान से बढ़कर दिखाया जाए — तब व्यतिरेक अलंकार होता है।
उदाहरण: खंजन मील सरोजनि की छवि गंजन नैन लला दिन होनो। भौंह कमान सो जोहन को, सर बेधन प्राननि नंद को छोनो॥
प्रश्न 41. वीर रस की परिभाषा उदाहरण सहित लिखिए।
परिभाषा: जब हमारे मन में मौजूद "उत्साह" नामक स्थायी भाव, विभाव-अनुभाव और संचारी भाव से मिलकर पूरा रूप ले लेता है, तो वह वीर रस कहलाता है।
उदाहरण: हे सारथे! है द्रोण क्या, देवेन्द्र भी आकर अड़ें, है खेल क्षत्रिय बालकों का, व्यूह-भेदन कर लड़ें। मैं सत्य कहता हूँ सखे, सुकुमार मत जानो मुझे, यमराज से भी युद्ध को, प्रस्तुत सदा मानो मुझे।
प्रश्न 42. लुट्टन का बचपन कैसा था?
लुट्टन पहलवान का बचपन आसान नहीं था। सिर्फ नौ साल की उम्र में ही उसके माता-पिता चल बसे थे। लेकिन कसरत करते रहने से बचपन में ही उसका सीना चौड़ा और शरीर मज़बूत व सुडौल हो गया था।
प्रश्न 43. लेखक ने शिरीष को कालजयी अवधूत की तरह क्यों माना है?
अवधूत यानी वह संन्यासी जो दुख हो या सुख, हर हाल में शांत और खुश रहता है — किसी चीज़ की चाह में नहीं फँसता। शिरीष का पेड़ भी बिल्कुल वैसा ही है — भयंकर गर्मी, लू और उमस में भी वह हरा-भरा और सरस बना रहता है। वसंत में वह फूलों से लद जाता है और भादों तक फलता-फूलता रहता है। इसी वजह से लेखक ने उसे कालजयी अवधूत कहा है।
प्रश्न 44. लेखक के मत से 'दासता' की व्यापक परिभाषा क्या है?
लेखक कहते हैं कि दासता सिर्फ कानूनी गुलामी तक सीमित नहीं है। असली दासता तब होती है जब किसी व्यक्ति को अपना काम या व्यवसाय खुद चुनने की आज़ादी न दी जाए — यही उसे मानसिक रूप से गुलाम बना देता है।
प्रश्न 45. एकांकी के तत्वों के नाम लिखिए।
- कथावस्तु
- पात्र और चरित्र-चित्रण
- कथोपकथन (संवाद)
- अभिनेयता (मंच पर खेले जाने लायक होना)
- संकलन त्रय
- द्वंद्व (टकराव)
- भाषा-शैली
प्रश्न 46. कहानी के प्रमुख तत्व लिखिए।
- कथानक अथवा कथावस्तु
- पात्र एवं चरित्र-चित्रण
- संवाद एवं कथोपकथन
- भाषा शैली
- देश-काल या वातावरण
- उद्देश्य
प्रश्न 47. छोटे चौकोने खेत को कागज का पन्ना कहने में क्या अर्थ निहित है?
कवि अपने कवि-कर्म (कविता लिखने के काम) की तुलना किसान के काम से करना चाहता है — जैसे किसान अपने खेत में मेहनत से फसल उगाता है, वैसे ही कवि अपने शब्दों से कविता रचता है। इसीलिए खेत को कागज़ के पन्ने जैसा बताया गया है।
प्रश्न 48. वीरगाथा काल (आदिकाल) की कोई दो विशेषताएँ लिखिए।
- आश्रयदाताओं (राजाओं) की प्रशंसा में रचनाएँ लिखी गईं।
- वीर रस के साथ-साथ शृंगार रस की भी प्रधानता रही।
प्रश्न 49. नई कविता की दो विशेषताएँ लिखिए।
- इसमें नया शिल्प-विधान, नया भाव-बोध और नई अभिव्यक्ति-क्षमता की प्रधानता है।
- यह कविता एक आम इंसान के एक पल की भावनाओं को भी मज़बूती से बयान करती है।
प्रश्न 50. जीवनी और आत्मकथा में दो अंतर लिखिए।
| जीवनी | आत्मकथा |
|---|---|
| किसी और के जीवन को लिखा जाता है। | अपने ही जीवन के बारे में लिखा जाता है। |
| लेखक तटस्थ (निष्पक्ष) रहता है, अपनी प्रतिक्रिया नहीं दिखाता। | लेखक तटस्थ नहीं रहता, अपने जीवन पर पड़े असर का ज़िक्र ज़रूर करता है। |
याद रखे ; -
इन सभी उत्तरों को एक बार समझकर पढ़ो, फिर अपने शब्दों में लिखने की कोशिश करो — रटने से ज़्यादा असर समझने का होता है। सभी प्रश्नों को आप एक दो बार पढे फिर अपनी भाषा मे लिखने का प्रयास करे जिससे आप खुद ही अपने उत्तर को परीक्षा के हिसाब से लिख पायेगे ।

1 Comments
Bahut bahut dhanyawad sir
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